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वीर: उन्नीसवीं सदी में बॉलीवुड रोमांस

Posted On: 25 Jan, 2010 मस्ती मालगाड़ी में

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Veerमुख्य कलाकार : सलमान खान, मिथुन चक्रवर्ती, सोहेल खान, जैकी श्राफ, जरीन खान।

 

निर्देशक : अनिल शर्मा

 

तकनीकी टीम : निर्माता- विजय गलानी एवं सुनील ए लुल्ला, संगीत- साजिद वाजिद

 


सलमान खान, शक्तिमान तलवार, शैले वर्मा, कृष्ण राघव, गुलजार, साजिद-वाजिद और आखिरकार अनिल शर्मा… इन सभी में किस एक को वीर के लिए दोषी माना जाए? या सभी ने मिल कर एक महत्वाकांक्षा से मुंह मोड़ लिया। रिलीज के पहले फिल्म ने पीरियड का अच्छा भ्रम तैयार किया था। लग रहा था कि सलमान खान की पहल पर हमें एक खूबसूरत, सारगर्भित, भव्य और नाटकीय पीरियड फिल्म देखने का अवसर मिलेगा। यह अवसर फिल्म शुरू होने के चंद मिनटों के अंदर ही बिखर गया। फिल्म में वीर और यशोधरा का लंदन प्रवास सिर्फ प्रभाव और फिजूलखर्ची के लिए रखा गया है।वीर अपनी संपूर्णता में निराश करती है। कुछ दृश्य, कोई एक्शन, कहीं भव्यता, दो-चार संवाद और अभिनय की झलकियां अच्छी लग सकती हैं, लेकिन कतरों में मिले सुख से बुरी फिल्म देखने का दुख कम नहीं होता।

 


फिल्म शुरू होते ही वॉयसओवर आता है कि अंग्रेजों ने पिंडारियों को इतिहास में जगह नहीं दी, लेकिन उन्हें अफसाना बनने से नहीं रोक सके। इस फिल्म में उस अफसाने के चित्रण ने दर्शकों को पिंडारियों के सच से बेगाना कर दिया। लेखक और निर्देशक ने उन्नीसवीं सदी के बैकड्राप में बॉलीवुड रोमांस दिखाया है। सिवा कास्ट्यूम के फिल्म में कोई नवीनता नहीं है। हमने कई फिल्मों में सलमान खान और सोहेल खान की जोड़ी देखी है। सलमान खान का एक रंगी रोमांस अब अधिक नहीं लुभाता है। सलमान खान आकर्षक व्यक्तित्‍व के धनी हैं। उनका शरीर सुडौल और आंखें जानलेवा हैं। उनकी मुस्कान दर्शकों के दिलों को छलनी करती है, लेकिन उसके आगे क्या? डांस, रोमांस और भावमुद्राओं में दोहराव… सलमान के समकालीनों (आमिर खान और शाहरुख खान) ने खुद को बदला है। वे लोकप्रिय और स्वीकृत छवि से निकलने की सफल कोशिश कर रहे हैं, जबकि सलमान खान अपनी लोकप्रियता को संभालने के प्रति लापरवाह हैं। वीर उनके कट्टर प्रशंसकों को भी निराश कर सकती है।

 


पिंडारी, अंग्रेज, उन्नीसवीं सदी का भारत कुछ भी तो फिल्म में ढंग से रेखांकित नहीं हो पाया है। बार-बार सुरीली अंखियों वाले गीत और जहां हाथ लगाऊंगा, पांच सेर गोश्त निकाल लूंगा संवाद सुनाई पड़ते हैं। हद तो तब होती है, जब एक सीन में वीर गोश्त निकाल भी लेता है और अनमने भाव से कहता है कि वजन कर लेना, पांच सेर ही होगा। सेर और छटाक जैसे संवाद बोलने मात्र से फिल्म पीरियड हो जाती है तो कोस, मील, कट्ठा, बीघा शब्द भी इस्तेमाल कर लेते। संवाद और प्रभावशाली और पीरियड-पीरियड हो जाते।

 


फिल्म में गीतों की भरमार है। एक के बाद एक गीत इस तरह से पिरोए गए हैं कि घटनाएं असर नहीं करतीं। एक्शन और ड्रामा का भ्रम दे रही वीर वास्तव में घिसी-पिटी रोमांटिक फिल्म है। हां, हम इसे उन्नीसवीं की साज-सज्जा में देखते हैं, इसलिए कुछ नया देखने का भ्रम थोड़ी देर तक बना रहता है। मिथुन चक्रवर्ती और पुरू राज कुमार अपनी भूमिकाओं से प्रभावित करते हैं। बाकी कलाकारों में सलमान खान समेत सभी सामान्य हैं। फिल्म की हीरोइन जरीन खान कुछ फ्रेम में ही खास एंगल से सुंदर दिखती हैं।

 


हां, सेट, लोकेशन और एक्शन में संबंधित निर्देशकों और तकनीशियनों ने पूरी मेहनत की है। वे भव्यता क्रिएट करने में सफल रहे हैं। उन्हें लेखक,कलाकार और निर्देशक उचित साथ नहीं दे पाए हैं।

 


 


** दो स्टार

 


-अजय ब्रह्मात्मज

 

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11 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Vats के द्वारा
January 27, 2010

अजय ब्रह्मात्मज जी, यानी फिर वही बात ऊँची दूकान फीकी पकवान. दुनिया भर के प्रचार के बल पर फिल्म तो अच्छी कमाई कर लेगी लेकिन दर्शकों को निराशा ही हाथ लगनी है.

इण्डि के द्वारा
January 26, 2010

नतोरितरेति्रतेपिेितेोरिेोिरेतिर्रेितरे्तितेरिे

Tarun के द्वारा
January 26, 2010

Please do include movie reviews as a regular feature. Also, would be great if you can have videos of the movie you are covering. I want to watch this movie, but review seems disappointing…..

hkhjk के द्वारा
January 26, 2010

करपककपर ुपरपुर

    Caden के द्वारा
    July 12, 2016

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इण्डि के द्वारा
January 26, 2010

प्रदीप कुमार चौधरी

इण्डि के द्वारा
January 26, 2010

रसरवससवल

इण्डि के द्वारा
January 26, 2010

इण्डिक लाजवाब होता है, दुसरे तो अरबी शब्‍द क़ुरआन और हमार नाम कैरानवी तक नहीं लिख

    Amory के द्वारा
    July 12, 2016

    Webbiker asks, “To whom are the posers posing to2ys82?1;M&-own-#elf. My Walter Mitty absolutely thrills at chances to glance sideways and see me riding by, reflected in a plate glass window.

इण्डिक लाजवाब होता है, दुसरे तो अरबी शब्‍द क़ुरआन और हमार नाम कैरानवी तक नहीं लिख पाते, बहुत उपयोग के द्वारा
January 26, 2010

इण्डिक लाजवाब होता है, दुसरे तो अरबी शब्‍द क़ुरआन और हमार नाम कैरानवी तक नहीं लिख पाते, बहुत उपयोगी जानकारी, बधाई भैया वहां चिपलूकर की पोस्‍ट पर पधारो तुम्‍हार घर बुलावा दे चुका

    Finch के द्वारा
    July 12, 2016

    mówi:Warto sobie poplakac, uwolnic emocje, pobyc ze swoim smutkiem, pozwolic mu wyplynac… Warto tez wreszcie pozwolic mu odejsc i powiedziec sobie ” Ok,jest jak jest. Stalo sie jak sie stalo, co dalej moge z tym zrobic?Moj juz mnie nie odwiedza. Nadchodzi teraz zaduma..Pozdrawiam Cie Marzena;)ps. Ilez w Tobie jest ciepla i nisicdzoennoeci…


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